बदनावर में आज विशाल चुनरी कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई। कलश यात्रा में शामिल श्रद्धालु बार-बार अपने ऊपर उड़ने वाले हेलीकॉप्टर और बरसने वाले फुल पंखुड़ियों को देखते रहे। यात्रा का आयोजन पहली बार युवा कॉलोनाइजर और उद्यमी जयदीप सिंह पंवार जिमी बना ने अपने मित्र मंडल के सहयोग से किया था। यात्रा में 1111 फीट लंबी चुनरी कलश यात्रा धूमधाम से निकाली गई।

नगर में सुबह से ही कलश यात्रा में शामिल होने के लिए महिलाओं और बालिकाओं में उत्साह था। वे दो-तीन दिन से तैयारी कर रहे थे। यात्रा श्री बैजनाथ महादेव मंदिर से शुरू हुई और नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए करीब 2:15 बजे श्रीएकवीरा देवी मंदिर पहुंची। जहां देवी को चुनरी ओढाई गई। बाद में आरती कर फरियाली प्रसादी श्रद्धालुओं में बांटी गई। यात्रा में आगे-आगे डीजे की धुन पर घोड़े और ऊंट नाच रहे थे। उनके पीछे आदिवासी महिला पुरुष के नर्तक दल अपनी परंपरागत वेशभूषा में तीर कमान लिए भक्ति गीतों पर थिरक रहे थे। ट्राली में जिमी के दादाजी इंद्रजीत सिंह पंवार का कट आउट लगा था। इसी के साथ इंदौर के मालवा की मयूरी दल गरबा खेलते हुए ट्राले में चल रहे थे। उनके पीछे नासिक के ढोल ताशे और चार घोड़ों पर तिरंगा लिए बालिकाएं बैठी हुई थी।

साथ में नवदुर्गा की झांकी सजाई गई थी। बालिकाएं गरबा खेलते हुए शामिल हुई। निर्वाण आदिश्वर आचार्य महामंडलेश्वर राजगुरु स्वामी विशोकानंदजी भारती उज्जैन भी शामिल हुए। नगर में जगह-जगह विभिन्न संस्थाओं की ओर से मंच बनाकर शोभा यात्रा का स्वागत किया गया। आखिर में बैंड बाजों के साथ सुसज्जित रथ में एकवीरा देवी का चित्र रखा था। नगर भ्रमण के बाद मंदिर पहुंचकर जिमी बना की दादी लालकुंवर पवार और स्वयं जिमी बना ने देवी को चुनरी ओढ़ाई। समापन पर कार्यक्रम संयोजक जयदीप सिंह और सहसंयोजक सुषमा पाठक ने आभार माना। यात्रा में 5 हजार से ज्यादा श्रद्धालु शामिल थे।

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By jansetu